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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में पूर्व प्रधनमंत्री भारत रत्न राजीव गाँधी के ऊपर ये आरोप लगाए है की उन्होंने आईएनएस विराट का व्यक्तिगत कार्यो के लिये उपयोग किया जबकि उस वक्त आईएनएस विराट देश की सुरक्षा में तैनात था। ये कहना था प्रधनमंत्री जी का अब सच्चाई क्या है और प्रधानमंत्री जी कितना सच बोलते है इस बात को समझते है।आईएनएस विराट ने 1987 में विक्रांत का जगह भारतीय नौ सेना में लिया था और राजीव गाँधी उस वक्त भारत के प्रधानमंत्री थे लेकिन इसी वजह से कोई ये तो नही कह सकता है ना की राजीव गाँधी ने विराट को अपने निजी कार्यो के लिये उपयोग किया है। प्रधानमंत्री इससे पहलें भी राजनीति फायदे के लिये झूठ का सहारा लें चुके है , और वर्तमान में चुनाव के इस दौड़ में वो फिर से एक बार इस बयान को लेकर चौतरफा घिरे हुये नजर आ रहे है। अब इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में वाकयुद्ध चरम पर है लेकिन ऐसे में आम नागरिक किस के बातों को सच माने , ऐसे में एक पूर्व नेवी अधिकारी एल . रामदास जो की भारत -पाक युद्ध में भी शामिल थे ने एक चिट्ठी लिखा है। भारत के पीएम नरेन्द्र मोदी को और उस चिट्ठी में स्पष्ट रूप से लिखा गया है की पूर्व प्रधनमंत्री ने विराट का उपयोग निजी पिकनिक मनाने में नही बल्कि सरकारी कार्यो के लिये किया था। पूर्व नेवी अधिकारी ने उसमें लिखा है की राजीव गाँधी खेल पुरस्कार वितरण के लिये गये थे।और भी कई बातें उस चिट्ठी में कही गई है जिससे की पता चलता है की जो आरोप मोदी जी लगा रहे है वो पुरी तरह से बेबुनियाद और झूठी है।
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धन्यवाद
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में पूर्व प्रधनमंत्री भारत रत्न राजीव गाँधी के ऊपर ये आरोप लगाए है की उन्होंने आईएनएस विराट का व्यक्तिगत कार्यो के लिये उपयोग किया जबकि उस वक्त आईएनएस विराट देश की सुरक्षा में तैनात था। ये कहना था प्रधनमंत्री जी का अब सच्चाई क्या है और प्रधानमंत्री जी कितना सच बोलते है इस बात को समझते है।आईएनएस विराट ने 1987 में विक्रांत का जगह भारतीय नौ सेना में लिया था और राजीव गाँधी उस वक्त भारत के प्रधानमंत्री थे लेकिन इसी वजह से कोई ये तो नही कह सकता है ना की राजीव गाँधी ने विराट को अपने निजी कार्यो के लिये उपयोग किया है। प्रधानमंत्री इससे पहलें भी राजनीति फायदे के लिये झूठ का सहारा लें चुके है , और वर्तमान में चुनाव के इस दौड़ में वो फिर से एक बार इस बयान को लेकर चौतरफा घिरे हुये नजर आ रहे है। अब इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में वाकयुद्ध चरम पर है लेकिन ऐसे में आम नागरिक किस के बातों को सच माने , ऐसे में एक पूर्व नेवी अधिकारी एल . रामदास जो की भारत -पाक युद्ध में भी शामिल थे ने एक चिट्ठी लिखा है। भारत के पीएम नरेन्द्र मोदी को और उस चिट्ठी में स्पष्ट रूप से लिखा गया है की पूर्व प्रधनमंत्री ने विराट का उपयोग निजी पिकनिक मनाने में नही बल्कि सरकारी कार्यो के लिये किया था। पूर्व नेवी अधिकारी ने उसमें लिखा है की राजीव गाँधी खेल पुरस्कार वितरण के लिये गये थे।और भी कई बातें उस चिट्ठी में कही गई है जिससे की पता चलता है की जो आरोप मोदी जी लगा रहे है वो पुरी तरह से बेबुनियाद और झूठी है।
पूर्व नेवी अधिकारी एल. रामदासदोस्तों अब सोचने वाली बात ये है की प्रधानमंत्री पद पर बैठा व्यक्ति इस तरह का झूठा आरोप किसी पूर्व प्रधानमंत्री पर लगाकर राजनीति को किस दिशा में लें जा रहे है। आरोप -प्रत्यारोप होना चाहिये लेकिन उसकी एक सीमा भी होना चाहिये। किसी मरे हुये व्यक्ति देश के लिये शहीद होने वाले व्यक्ति जिसको आतंकियों ने चीथड़े -चीथड़े कर दिये हो उस महान व्यक्ति पर इस तरह का आरोप लगाकर आखिर साबित क्या करना चाहते है मोदी जी , आप सता पक्ष में है आपको चुनाव नेहरू और राजीव पर लड़ने की जरूरत क्यों पड़ रही है। आपको तो अपने द्वारा किये कामो को जनता को बताना चाहिये जो आपने किये है। इस तरह से किसी पूर्व पीएम को अपमानित करना कहाँ तक उचित है , मैं तो बस इतना ही कहूंगा की मोदी जी कुछ अटल जी से भी सीखिये। ।
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आईएनएस विराट और राजीव गाँधी मुद्दे की सच्चाई , पूर्व नेवी अधिकारी ने क्या कहा
Reviewed by मेरी डायरी : हिमांशु
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Tuesday, May 21, 2019
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